गृह मंत्रालय के ‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान कका बड़ा असर 84 वाहन जब्त, 21 सीधी शिकायतें दर्ज
गृह मंत्रालय के जीरों कोल लीकेज अभियान के तहत अवैघ कोयला खनन, चोरी और परिवहन के खिलाफ एक बड़ी अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत अवैध कोयला उत्खनन को रोकना है। औद्योगिक सुरक्षा बल ने पिछले तीन हफ्तों के दौरान चलाए गए सघन अभियानों के दौरान लगभग ₹1.08 करोड़ मूल्य का 1,798.725 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है।
अभियान के दौरान, सीआईएसएफ ने कोयले के अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाले 84 वाहनों को भी जब्त किया है, जिनमें भारी-भरकम हाईवा ट्रक और मॉडिफाइड मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इसके साथ ही अवैध खनन और कोयला तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ 21 सीधे शिकायत मामले दर्ज किए गए हैं।

गौरतलब है कि यह कार्रवाई 5 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद शुरू हुई है। बैठक में “जीरो कोल लीकेज” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रित और समयबद्ध कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
इस अभियान के दौरान हुई प्रमुख बरामदगी में, सीआईएसएफ ने:
• बीसीसीएल धनबाद से 1,063.91 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया।
• ईसीएल , शीतलपुर से 450.13 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया।
• सीसीएल रांची और सीएमपी(एच) से 284.715 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया।
84 वाहनों की जब्ती कोयला चोरी के लिए अपनाए जा रहे विभिन्न तरीकों को भी उजागर करती है। भारी वाहनों के अलावा, मोडिफाइड मोटरसाइकिलों का उपयोग अवैध रूप से खनन किए गए कोयले की धुलाए में किया जा रहा है। वहीं जब्त किए गए वाहनों को , स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।
यह अभियान कोयला आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में लीकेज को बंद करने और देश के मूल्यवान खनिज संसाधनों को सिंडिकेट क्राइम नेटवर्क से सुरक्षित रखने के लिए एक समन्वित प्रयास है।
महानिदेशक सीआईएसएफ ने कहा: “सीआईएसएफ ‘जीरो कोल लीकेज’ के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए कोयला कंपनियों, स्थानीय प्रशासन और अन्य हितधारक एजेंसियों के समन्वय में खुफिया जानकारी आधारित अभियान, तकनीक-सक्षम निगरानी और अपनी वैधानिक शक्तियों का प्रवर्तन जारी रखेगा।”








