झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 : मुख्यमंत्री ने कहा हर समस्या का समाधान संवाद से संभव, दिग्भ्रमित नहीं हों युवा,गड़बड़ी करने वालों को मिलेगी कठोर सजा

धरती पर आदिवासी समुदाय की है अलग पहचान

झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है

झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील

रांची । दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 मोराबादी मैदान में शुरू हो गया है। समारोह में बड़ी संख्या में दूर दराज से से पहुंचे है लोग। कार्यक्रम स्थल पर काफी भव्य पंडाल बना है। वहीं समारोह का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी राज्यवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जोहार से अभिवादन किया। उन्होंने कहा धरती पर आदिवासी समाज की अलग पहचान है। इसे अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए इस आदिवासी महोत्सव की शुरुआत हुई है। उन्होंने महोत्सव के लिये सभी लोगों के सहयोग व आशीर्वाद प्राप्त होने का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने राज्य के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति को समारोह की विशेष गरिमा और आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए राज्यपाल केवल राज्य के राज्यपाल ही नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के मार्गदर्शक और सर्वमान्य नेतृत्वकर्ता के रूप में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) राज्यपाल की छत्रछाया और मार्गदर्शन में कार्य करती है। टीएसी के माध्यम से आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा, उनके समग्र विकास और कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है। साथ ही, आदिवासी समाज के विकास के साथ-साथ पूरे समाज की प्रगति और भविष्य की दिशा तय करने में भी टीएसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं जीवनशैली को सामने लाने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी दिवस को पूरे देश और दुनिया में आदिवासी समाज अपने-अपने तरीके से यादगार बनाने में जुटा हुआ है। झारखंड में भी पिछले कुछ वर्षों से इस अवसर पर छोटे-बड़े विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करके आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोरहाबादी के पूरे मैदान में देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों की विविधता और सांस्कृतिक झलक देखने को मिल रही है। आयोजन स्थल पर पंडाल लगाए गए हैं, जहां हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग अपनी जीवनशैली, कला, संस्कृति, परंपरा और आजीविका के साधनों को प्रदर्शित कर रहे हैं। यह आयोजन हमें यह भी दिखाता है कि किस तरह आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक पहचान को संजोते हुए विकास और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए हैं। कलाकारों, कारीगरों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को और भी अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया है। उनके हुनर, परंपरा और अनुभवों के माध्यम से एक मजबूत और बेहतर रास्ते की तलाश में आगे बढ़ते आदिवासी समाज की तस्वीर यहां देखने को मिल रही है। इस अवसर पर राज्य में विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत को सम्मान और सशक्तिकरण का प्रदर्शन हो रहा है।

झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारे कुछ युवा, नौजवान और छात्र-छात्राएं अपनी कुछ मांगों और अधिकारों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार खुले मन से उनकी बातें सुन रही है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझने का प्रयास कर रही है। हर समस्या का समाधान संवाद से संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था का संचालन करते हुए भी सरकार की मंशा राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने की है। गांव में रहने वाला व्यक्ति हो या शहर में रहने वाला, किसान हो या मजदूर, महिला हो या पुरुष, पढ़ा-लिखा नौजवान हो या कम पढ़ा-लिखा अथवा अशिक्षित व्यक्ति—सरकार सभी की चिंता करती है और सबके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस विषय को लेकर राज्य के नौजवान अपने अधिकार की आवाज उठा रहे हैं, वह उनकी जागरूकता और अपने हक के लिए खड़े होने के साहस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नौजवानों ने हिम्मत इसलिए जुटाई है, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि उनके साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मेरे संज्ञान में गड़बड़ी सामने आई है, उसकी जांच होगी, नौजवानों को न्याय मिलेगा और जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए धरती पुत्र की भांति कहा कि आप विश्वास रखिए, हम इसी मिट्टी में जन्मे हैं और इसी मिट्टी में दफन भी होंगे। इसलिए हम आपके साथ गलत नहीं होने देंगे।

संवाद से हर समस्या का समाधान संभव, दिग्भ्रमित नहीं हों युवा

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि इस पूरे विषय को राजनीतिक रूप से देखने की आवश्यकता नहीं है, और न ही युवाओं को किसी राजनीतिक छत्रछाया की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पालते हैं और राजनीतिक दलों का इस्तेमाल कर युवा पीढ़ी को अपने हित में इस्तेमाल करने का रास्ता अख्तियार करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से नौजवानों से कहा कि वे विद्यार्थी हैं, उनका अपना अधिकार है और उन्हें उनका अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। यह जिम्मेदारी सरकार की है और सरकार इसे पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश में अलग-अलग तरीके से राजनीतिक दलों की नजर युवा पीढ़ी पर है। किस तरह युवाओं को सही और गलत तथ्यों के बीच दिग्भ्रमित किया जाए, इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें केवल सामान्य लोग ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े विद्वान, पढ़े-लिखे और ज्ञानी लोग भी शामिल हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी बात सरकार के समक्ष पूरी स्पष्टता और निर्भीकता के साथ रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब केवल आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से ही युवाओं की बातें सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन युवाओं तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो घर बैठे अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को लेकर चिंतित हैं। इसके लिए सरकार ने संवाद का माध्यम भी बनाया है।

झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज लोकतंत्र की मूल भावना को चुनौती देने के लिए भी एक बड़ा समूह पूरी ताकत और शिद्दत के साथ प्रयासरत है। हालांकि, झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि वीरों की भूमि है। उन्होंने कहा कि झारखंड को अलग राज्य बने 25 वर्ष हो चुके हैं और इन वर्षों में राज्य ने अपने पैरों पर खड़े होने तथा अपनी अलग पहचान स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब झारखंड को केवल संसाधनों के दोहन के लिए एक चारागाह की तरह देखा गया, लेकिन आज जब यह राज्य अपनी ताकत और क्षमता के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है, तो यह बात कई लोगों को स्वीकार नहीं हो रही है।

युवाओं को सजग रहने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की प्रगति और उसकी बढ़ती ताकत को रोकने के लिए कभी चेहरा छिपाकर, कभी चेहरा बदलकर और कभी पर्दे के पीछे से गलत संदेश देने तथा लोगों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों के प्रति समाज और विशेषकर युवाओं को सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जा सकता है। सीमाओं पर देश के दुश्मनों से मुकाबला अलग विषय है, लेकिन देश के भीतर रहने वाले अपने ही लोगों के साथ लाठी-डंडे के बल पर किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

युवाओं, विद्यार्थियों का पारदर्शिता के साथ होगा न्याय

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि वे स्वयं को युवाओं से अलग नहीं मानते। आपकी भावनाएं और सभी की चिंताएं उनकी चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि आज संवैधानिक जिम्मेदारी के स्थान पर रहते हुए वे युवाओं को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय केवल होगा ही नहीं, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देगा।

इस अवसर पर राज्य के मंत्री राधा कृष्ण किशोर, सांसद राज्यसभा महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक अमित महतो, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण, राज्य सरकार के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोग उपस्थित थे।

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