झारखंड में रहेगा मॉनसून सक्रिय, स्वतंत्रता दिवस के दिन हो सकती हैं भारी बारिश

मॉनसून सक्रिय 16 अगस्त तक होगी जम कर बारिश

रांची। झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मॉनसून सक्रिय होने के पूर्वानुमान मौसम विभाग ने किया है। जारी विज्ञप्ति के अनुसार उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र का झारखंड राज्य पर “प्रभाव पड़ेगा ।
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों से दूर उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 12 अगस्त को सुबह 8:30 बजे उसी क्षेत्र में बना रहा। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान उसी क्षेत्र में एक स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद, इसके अगले 24 घंटों के दौरान अवदाब (Depression) में तब्दील होने और पश्चिम बंगाल तथा उससे लगे बांग्लादेश के तटों से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
इस कारण मौसम प्रणाली का झारखंड राज्य पर प्रभाव की प्रबल संभावना है । मौसम विभाग ने प्रभाव का पूर्वानुमान में बताया है कि 16 अगस्त तक झारखंड के विभिन्न जिलों में कही हल्की तो कही भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन भी बारिश होने की संभावना है।
मध्य झारखंड (रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद) जिले
दक्षिणी झारखंड (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा तथा सरायकेला-खरसावां) जिले
उत्तर-पश्चिमी झारखंड (पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार) जिले
उत्तर-पूर्वी झारखंड (देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ तथा साहेबगंज जिले राज्य के दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भागों में कहीं-कहीं पर मध्यम दर्जे के गर्जन, वज्रपात तथा तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं 15 अगस्त को राज्य में कहीं-कहीं गर्जन, वज्रपात तथा 30-40 किमी प्रति घंटा की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
. राज्य के उत्तर-पश्चिमी, दक्षिणी एवं मध्य भागों में कहीं-कहीं पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

Facebook
X
WhatsApp
Threads
Telegram
Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

आज की बड़ी खबरें

विश्व आदिवासी महोत्सव केवल सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव नहीं , बल्कि यह आदिवासी समुदाय की परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य एवं जीवन शैली को व्यापक मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर: मंजूनाथ भजन्त्री