केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने युवाओं की बड़ी जीत बताया है । उन्होंने कहा की केंद्र ने युवाओं की ताकत को समझने में भूल कर दी । पेपर लीक मामले में जब युवा आत्महत्या करने को मजबूर थे , तब केंद्र सरकार इसे झुठलाने में अपनी ताकत झोंकती रही । लेकिन देश भर के छात्र – नौजवानों ने अपनी एकता की बदौलत सरकार को घुटने टेकने को मजबूर कर दिया । इतिहास गवाह है कि दमन के दम पर किसी भी आंदोलन को कुचला नहीं जा सका है । पुलिस की लाठी – गोली का सामना करने वाले युवा सच्चे देश। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी और इंडिया गठबंधन के दूसरे सहयोगी दलों ने इस आंदोलन को नई दिशा और धार देने में अहम भूमिका निभाई । अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है ये तानाशाही सरकार के खिलाफ एक छोटी सी जीत है , आगे बड़ी लड़ाई है और सबको इस लड़ाई के लिए कमर कस लेने की जरूरत है । लोकतंत्र ना कभी हारा है और ना कभी हारेगा ।








