पेपर लीक केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया संगठित अपराध है
रांची । राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने पेपर लीक पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि जिन दलों की सरकारों के कार्यकाल में लगातार प्रश्नपत्र लीक हुए, परीक्षाएँ रद्द हुईं और लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ, वही दल नैतिकता का ढोंग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकारें युवाओं को पारदर्शी भर्ती व्यवस्था देने में पूरी तरह विफल रही हैं। इन सरकारों के कार्यकाल में परीक्षा माफिया, दलालों और भ्रष्ट तंत्र को संरक्षण मिलने के आरोप लगातार सामने आते रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का वास्तविक उद्देश्य युवाओं को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिक दोहन करना है। अपने शासन वाले राज्यों में लगातार हो रहे पेपर लीक पर मौन रहने वाले दल केंद्र सरकार और एनडीए शासित राज्यों पर चयनात्मक आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया संगठित अपराध है। जो सरकार परीक्षा की गोपनीयता तक सुरक्षित नहीं रख सकती, उसे युवाओं के भविष्य और रोजगार पर बड़ी-बड़ी बातें करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
डॉ. वर्मा ने मांग की कि प्रत्येक पेपर लीक मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जाँच हो, दोषी अधिकारियों, प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एजेंसियों, परीक्षा माफिया, दलालों और लाभार्थियों की पहचान कर उनकी संपत्ति जब्त की जाए तथा प्रभावित अभ्यर्थियों को आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाए। साथ ही राज्यों की परीक्षा एजेंसियों की स्वतंत्र सुरक्षा एवं तकनीकी ऑडिट कराई जाए।








