वृद्धाश्रम में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की संवेदनशील पहल, पूछा कुशलक्षेम, चेहरों पर आई मुस्कान, बुजुर्गों को खिलायी मिठाई, माताजी के भजन से वातावरण श्रद्धा, उल्लास और आत्मीयता से भर उठा
रांची। कभी-कभी प्रशासनिक दायित्व केवल आदेशों और बैठकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे संवेदनाओं के स्पर्श से लोगों के जीवन में अपनापन भी घोल देते हैं। ऐसा ही एक भावुक और आत्मीय दृश्य आज नगड़ी स्थित वृद्धाश्रम में देखने को मिला, जब जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री नियमित निरीक्षण के क्रम में वहां रह रहे बुजुर्गों का कुशलक्षेम जानने पहुंचे।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के पहुंचने की सूचना मिलते ही परिसर में रह रहे बुजुर्ग उनका इंतजार करने लगे। जो स्वास्थ्य कारणों से नीचे नहीं आ सके, उनसे मिलने स्वयं उपायुक्त उनके कमरों तक पहुंचे। इसी दौरान चतरा निवासी एक वृद्ध ने उनका हाथ थाम लिया। धुंधली पड़ चुकी आंखों से उन्होंने पूछा…
आप के हैं…?
उपायुक्त ने सहजता से उत्तर दिया…
हम यहां के डीसी हैं…
वृद्ध ने फिर पूछा…
आपका नाम…?
मंजूनाथ…
फिर बुजुर्ग बोले…
आप बैठ जाइयेगा तो अच्छा लगेगा…
उपायुक्त बिना किसी औपचारिकता के उनके पास बैठ गए। बातचीत आगे बढ़ी तो बुजुर्ग की आंखों से एक ऐसा प्रश्न निकला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया…
मेरा कोई है का…?
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने उनका हाथ थामते हुए मुस्कुराकर कहा…
हम सब लोग आपके ही हैं…
इन कुछ शब्दों ने वहां उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। उस क्षण प्रशासन और नागरिक के बीच का रिश्ता केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि अपनेपन और विश्वास का प्रतीक बन गया।
इसी आत्मीय माहौल के बीच वृद्धाश्रम की एक माताजी ने भजन प्रस्तुत किया। उनके स्वर में भक्ति और जीवन के अनुभवों की मिठास घुली हुई थी। भजन के साथ उपायुक्त, प्रोबेशनर आईएएस आस्था शरण, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभि सिंह, अंचल अधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा वहां उपस्थित सभी लोग ताल से ताल मिलाते रहे। पूरा वातावरण श्रद्धा, उल्लास और आत्मीयता से भर उठा।
भजन समाप्त होने के बाद एक अन्य बुजुर्ग उपायुक्त के पास पहुंचे और मुस्कुराते हुए बोले…
सर…डूरंड कप चल रहा है… मुझे देखना है…
उपायुक्त ने तुरंत जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वृद्धाश्रम के इच्छुक बुजुर्गों के लिए डूरंड कप फुटबॉल मैच देखने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह सुनते ही बुजुर्ग के चेहरे पर संतोष और खुशी की मुस्कान लौट आई।
उपायुक्त अपने साथ मिठाइयां लेकर पहुंचे थे। विशेष रूप से उस माताजी की पसंद का ध्यान रखा गया, जिन्होंने पिछली बार मिठाई खाने की इच्छा जताई थी। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री एवं प्रोबेशनर आईएएस आस्था शरण ने अपने हाथों से सभी बुजुर्गों को मिठाई खिलाकर उनके साथ आत्मीय पल साझा किए।
इसके उपरांत उपायुक्त ने वृद्धाश्रम के दूसरे तल पर रह रहे बुजुर्गों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सभी ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। जिला दण्डाधिकार ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक बुजुर्ग की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर चिकित्सकीय परामर्श, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं निरंतर सुनिश्चित की जाएं तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने वृद्धाश्रम परिसर में वर्षा जल के जमाव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल की उपलब्धता को और बेहतर बनाने के लिए परिसर में चापानल स्थापित कराने, परिसर की साफ-सफाई, हरियाली के संरक्षण, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ रखने तथा प्रत्येक बुजुर्ग के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमामय वातावरण बनाए रखने के भी निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिए।








