विश्व आदिवासी महोत्सव केवल सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव नहीं , बल्कि यह आदिवासी समुदाय की परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य एवं जीवन शैली को व्यापक मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर: मंजूनाथ भजन्त्री

विश्व आदिवासी महोत्सव न केवल सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव है, बल्कि यह आदिवासी समुदाय की परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य एवं जीवन शैली

रांची। विश्व आदिवासी दिवस 2026 का मुख्य समारोह मोराबादी मैदान में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम 9 एवं 10 अगस्त को मोरहाबादी मैदान, राँची में दो दिवसीय वृहद् कार्यक्रम “विश्व आदिवासी महोत्सव-2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव के सफल, सुचारू एवं भव्य आयोजन हेतु आवश्यक तैयारियों की समीक्षा तथा कार्यों के आवंटन को लेकर गुरुवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, राँची मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के बीच विभिन्न जिम्मेदारियों का स्पष्ट आवंटन किया गया

बैठक में कोषांग में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के बीच विभिन्न जिम्मेदारियों का स्पष्ट आवंटन किया गया तथा कार्यक्रम के प्रत्येक पहलू को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

विभागों एवं टीमों के बीच समन्वय आवश्यक है

उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि विश्व आदिवासी महोत्सव न केवल सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव है, बल्कि यह आदिवासी समुदाय की परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य एवं जीवन शैली को व्यापक मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। अतः आयोजन को उच्च स्तर पर संपन्न कराने के लिए सभी विभागों एवं टीमों के बीच समन्वय आवश्यक है।

बैठक में कार्यक्रम स्थल मोरहाबादी मैदान की व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, स्टॉल व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन तथा अन्य लॉजिस्टिक संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी संभावित चुनौती का पूर्व अनुमान लगाकर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

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