डॉ आशा लकड़ा ने 15 मामलों की सुनवाई की
रांची। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ आशा लकड़ा ने सोमवार को न्यू सर्किट हाउस में 15 मामलों की सुनवाई की। उन्होंने नगड़ी में 222 एकड़ भूमि पर बनने वाले रिम्स2 मामले की सुनवाई की। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने अपना पक्ष रखा। संबंधित अधिकारियों ने रिम्स_2 के लिए अधिगृहित की गई 222 एकड़ भूमि और रैयतों की सूची सौंपी। हालांकि उन्होंने यह जानकारी नहीं दी कि अब तक कितने रैयतों को उनकी अधिगृहित भूमि का मुआवजा राशि भुगतान किया गया। संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि एक माह के अंदर जिन रैयतों को उनकी अधिगृहित भूमि का मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराएं। साथ ही आयोग की ओर से विभागीय अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि जब तक इस मामले की सुनवाई आयोग में चल रही है, तब तक अधिगृहित की गई भूमि पर रिम्स_2 से संबंधित किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिस भूमि पर राज्य सरकार की ओर से रिम्स_2 का निर्माण कराने की योजना है, वह उपजाऊ भूमि है। संबंधित जमीन रैयतों के आजीविका का एकमात्र साधन है। इसलिए राज्य सरकार की ओर से किसी बंजर या परती भूमि पर रिम्स_2 का निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के लोगों के लिए पूर्व से ही रिम्स में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध है। सिमडेगा, खूंटी, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है।
वहीं, बोकारो जिले के वैध कारो में वन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से काटे गए लाखों पेड़ से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि तत्कालीन सीओ ने भी पेड़ काटने की कार्रवाई को गलत ठहराया था। इसलिए जब तक इस मामले की जांच से संबंधित कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, खनन संबंधी कार्यों पर रोक लगाई जाए।
इसी प्रकार, नामकुम थाना क्षेत्र में शिकायतकर्ता की भूमि पर जबरन कब्जा किए जाने से संबंधित मामले की जांच कर संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया गया कि पूर्व में जिस अधिकारी के माध्यम से संबंधित जमीन की रजिस्ट्री की गई, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। वहीं, रांची शहरी क्षेत्र में सरना पूजा स्थल, भुईहरि, बकाश्त आदि से संबंधित भूमि की खरीदबिक्री करने से संबंधित मामलों को भी आयोग ने गंभीरता से लिया और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित मामलों की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करें।






