झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र छह से, विधेयकों की प्रतियाँ समय पर उपलब्ध कराने और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर बल

विधानसभा का मानसून सत्र छह से 12 अगस्त तक

रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होने जा रहा है । और यह 12 अगस्त तक चलेगा। वहीं शनिवार और रविवार के अवकाश के कारण केवल पांच कार्यदिवस ही होगे। संक्षिप्त सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामे होने की संभावना जताई गई है। दोनों ही पक्ष अपनी अपनी राजनीतिक रणनीति बनाने में लग गये है। इन पांच दिनों में जनता से जुड़े जरुरी मुद्दे पर चर्चा होगी सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष का पहले अनुपूरक बजट 7 अगस्त को सदन के पटल पर रखा जाएगा। विधानसभा का प्रस्तावित कार्यक्रम इस तरह है 6 अगस्त को नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण, अध्यादेश हो तो और शोक प्रकाश वही 7 अगस्त को प्रश्न काल और वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुराग बजट का उपा स्थापना होगा। 8 और 9 अगस्त शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। और 10 अगस्त को प्रश्न काल ,प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान होगा, 11 अगस्त को प्रश्न काल राजकीय विधायक और अन्य राजकीय कार्य होंगे वहीं 12 अगस्त को प्रश्न कल राजकीय विधेयक , अन्य राजकीय कार्य और गैर सरकारी संकल्प।
षष्ठम झारखण्ड विधान सभा के आगामी मानसून सत्र के व्यवस्थापूर्वक, सुचारु संचालन के निमित्त अध्यक्ष, झारखण्ड विधान सभा,
रबीन्द्र नाथ महतो ने अपने कार्यालय कक्ष में वरीय पदाधिकारियों के साथ संसदीय कार्यमंत्री, राधा कृष्ण किशोर के उपस्थिति में उच्चस्तरीय बैठक की।
बैठक में मानसून सत्र के औपबंधिक कार्य दिवसों, सदन की कार्यवाहियों के एंव विधायी कार्यों की समयबद्ध निष्पादन पर चर्चाएँ हुई ।
अध्यक्ष ने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं तत्परता के साथ मानसून सत्र संबंधित विधायी कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने को लेकर वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिए।


उन्होंने बैठक में लंबित आश्वासनों सदस्यों के शून्यकाल, निवेदन एवं ध्यानाकर्षण से संबंधित प्रश्नों के उत्तर की विभागवार सूची के संबंध में पदाधिकारियों को अवगत कराया । और इनके त्वरित निष्पादन का निर्देश दिए।साथ ही, सत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयकों की प्रतियाँ समय पर उपलब्ध कराने तथा विभागों के बीच आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिये ताकि सदस्यों को ,
प्रस्तुत होने वाले विधेयकों को पढ़ने तथा उस पर संशोधन लाने का समय मिल पाए।
बैठक में NeVA (National e-Vidhan Application) प्रणाली के पूर्ण क्रियान्वयन हेतु सभी विभागों में नोडल पदाधिकारियों की शीघ्र प्रतिनियुक्ति करने के दिशा कार्रवाई ली जाने की बात कही ताकि पेपरलेस विधान सभा की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कर विधान सभा की कार्यप्रणाली को पूर्णतः डिजिटल एवं सुगम बनाया जा सके।

विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सत्र काफ़ी छोटा है लेकिन सदस्यों के अधिक संख्या में प्रश्न प्राप्त हो रहे हैं।
विभाग समय सीमा के अंदर प्रश्नों के अनुरूप उत्तर सभा सचिवालय को उपलब्ध कराएं इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव को कहा कि इसकी जवाबदेही तय हो तथा सत्र में विभागवार वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति पदाधिकारी दीर्घा में किए जाएं।
इसके अतिरिक्त, सत्र के दौरान चिकित्सकों, एम्बुलेंस, जीवनरक्षक दवाइयों एवं अन्य चिकित्सा सुविधाओं निर्बाध विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था, हेतु विभाग के पदाधिकारियों को बैठक में आवश्यक निर्देश दिए गए ।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रभारी सचिव झारखंड विधानसभा रंजीत कुमार , अपर मुख्य सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय एवं गृह विभाग वन्दना दादेल, सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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