युवा संवाद: वि .भागैया ने कहा सजग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित होकर कार्य करें युवा


रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रांची महानगर (विक्रमादित्य नगर) के तत्वावधान में सरला बिरला विश्वविद्यालय के सभागार में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह-सरकार्यवाह एवं वर्तमान अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य वि. भागैया थे। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में चल रहे जनसंपर्क अभियान तथा संघ की मूल विचारधारा पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि केवल करियर और व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रहना है , बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन करें। वर्तमान समय में देश की एकता और अखंडता को प्रभावित करने वाले अनेक वैचारिक भ्रम और चुनौतियाँ सामने हैं। ऐसे समय में युवाओं को सजग, जागरूक और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित होकर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन-संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि बचपन में ही माता-पिता का साया उठ जाने और अत्यंत अभावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना।

श्री वि. भागैया ने कहा कि भारत में भाषाओं, खान-पान, वेशभूषा और पूजा-पद्धतियों की विविधता हमारी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, किंतु हमारी सबसे बड़ी और मूल पहचान यह है कि हम सभी भारत माता की संतान हैं।

उन्होंने कहा कि विदेशी शासन के दौरान समाज को जाति, क्षेत्र, भाषा तथा अन्य आधारों पर विभाजित करने के सुनियोजित प्रयास किए गए। ऐसे विभाजनों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और संगठन की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। मंच पर संघ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन के उपरांत कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विक्रमादित्य नगर के संघचालक शंकर साहू और सह संघ चालक ब्रजेश सहित कई कार्यकर्ता एवं अधिकारी उपस्थित थे।

Facebook
X
WhatsApp
Threads
Telegram
Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

आज की बड़ी खबरें

विश्व आदिवासी महोत्सव केवल सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव नहीं , बल्कि यह आदिवासी समुदाय की परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य एवं जीवन शैली को व्यापक मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर: मंजूनाथ भजन्त्री