उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा: मुख्यमंत्री का निर्देश चिन्हित सभी रिक्तियों पर नियुक्ति की प्रक्रिया में लाए तेजी , सौंपा जायेगा 583 उत्पाद सिपाहियों की नियुक्ति पत्र शीघ्र

गोदाम निर्माण कार्यों में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता और सहयोग दें

रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नियुक्तियों में तेजी लाने, विकास के कार्य और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने के लिए विभागवार समीक्षा बैठक कर कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश अधिकारियों को दे रहे हैं। इसी के तहत शुक्रवार की झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने विभाग के लिए चिन्हित सभी रिक्तियों पर नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से विभिन्न पदों पर नियमित बहाली सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विभागीय योजनाओं एवं दायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त एवं स्किल्ड मानव संसाधन की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रिक्त पदों के कारण कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसलिए नियुक्ति प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करते हुए योग्य अभ्यर्थियों की बहाली सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में पर्याप्त मानव बल उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी, निगरानी व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध से संबंधित योजनाओं और नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष रूप से पालन किया जाए, ताकि विभाग की कार्यक्षमता और जनसेवा दोनों को मजबूती मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने जानकारी दी कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से चयनित 583 उत्पाद सिपाहियों को नियुक्ति पत्र देने हेतु आवश्यक प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

अवैध शराब निर्माण पर और संग्रहण पर लगेगा रोक

मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध मदिरा निर्माण, परिवहन, बिक्री एवं तस्करी पर पूरी कठोरता के साथ अंकुश लगाई लगाने का निर्देश दिया। अवैध रूप से हो रहे मदिरा निर्माण न केवल सरकारी राजस्व को प्रभावित करती है, बल्कि मदिरा सेवन करने वाले लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती है। अतएव यह जरूरी है कि अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रहण लक्ष्य से अधिक

बैठक में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद मौजूद रहे। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के राजस्व संग्रहण की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने निर्धारित 3,885.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार करते हुए 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,500 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जुलाई 2026 के मध्य तक विभाग ने 1,376 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर लिया है, जो वार्षिक लक्ष्य का 30.57 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने दिए कई दिशा निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक में कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। इनमें

मदिरा परिवहन वाहनों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और मदिरा विनिर्माण नीति का गठन करने का निर्देश दिया।

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