पुलिस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में डीजीपी ने कहा: राज्य में नक्सलवाद की चुनौती को काफी हद तक किया गया कमजोर

संगठित आपराधिक गिरोह के कुल-193 अपराधियों को किया गया गिरफ्तार

साईबर अपराध में संलिप्त कुल-486 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया

रांची । 80 वें स्वतंत्रता दिवस के मंगलमय अवसर पर झारखंड के डीजीपी तदाशा मिश्र ने पुलिस मुख्यालय में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित पुलिसकर्मीगण , सहकर्मी, प्रेस मीडिया के बन्धुओं को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें एवं बधाइयाँ दी । अपने संबोधन में उन्होंने कहा है आज के दिन हमारे देश के उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करने का है, जिनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से हमें स्वतंत्र भारत का अमूल्य उपहार प्राप्त हुआ।

नक्सल

उन्होंने नक्सल पर बोलते हुए कहा कि झारखंड पुलिस ने अपने अदम्य साहस, वीरता, पेशेवर रणनीति और निरंतर अभियान के बल पर राज्य में नक्सलवाद की चुनौती को काफी हद तक कमजोर किया है। जवानों के समर्पण, बलिदान और सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष-2026 के माह-जनवरी से माह-अगस्त तक राज्य में कुल103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, (जिसमें मुख्य रूप से झारखण्ड सरकार द्वारा 1 करोड़ ईनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा शामिल है) 46 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 22 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए (जिसमें मुख्य रूप से झारखण्ड सरकार द्वारा 1 करोड़ ईनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी शामिल है)। इसके अतिरिक्त कुल-98 हथियार, 7470 कारतूस, 11 कि०ग्रा० विस्फोटक पदार्थ, 3 आईईडी एवं करीब 6 लाख रूपये लेवी की राशि बरामद की गई।

संगठित अपराध

उन्होंने संगठित अपराध के विरुद्ध बोलते हुए कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और एजेंसियों के समन्वय से प्रभावी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2026 के माह-जनवरी से जुलाई तक संगठित आपराधिक गिरोह के कुल-193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया एवं उनके पास से कुल-63 हथियार एवं 274 गोली बरामद कर जप्त की गई साथ ही संगठित अपराधिक गिरोह के कुल-50 अपराधियों के विरूद्ध सीसीए की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, प्रभावी अभियान और जनजागरूकता के माध्यम से नशा तस्करी पर अंकुश तथा युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वर्ष 2026 के माह-जनवरी से जून तक अवैध मादक पदार्थ के प्रयोग / व्यापार में संलिप्त कुल-710 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया ।

साइबर अपराध

झारखंड पुलिस द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 के माह-जनवरी से जून तक साईबर अपराध में संलिप्त कुल-486 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा 17 लाख से अधिक रूपये के साथ कई अवैध वस्तुएँ बरामद कर जप्त की गई।

पुलिस आधुनिकीकरण

पुलिस आधुनिकीकरण के तहत झारखण्ड पुलिस को 636 चार पहिया वाहन (महेंद्रा बोलेरो), 849 दो पहिया वाहन (TVS अपाची) प्राप्त हुआ जिससे कानून-व्यवस्था, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया एवं जनसुरक्षा और अधिक सुदृढ़ हुआ है। इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम के तहत DIAL-112 में माह-जनवरी में प्रतिवेदित 16 हजार शिकायतों में पुलिस का Average Response Time 09 मिनट 41 सेकंड था। तदोपरांत, माह-जुलाई में प्रतिवेदित 23 हजार शिकायतों में पुलिस का Average Response Time 09 मिनट 12 सेकंड है जो यह दर्शाता है कि शिकायतें बढ़ने के बाद भी झारखण्ड पुलिस का Average Response Time काफी बेहतर हुआ है।

पुलिस कल्याण

उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस अपने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध एवं तत्पर रहती है। वर्ष 2026 के माह-जनवरी से जुलाई तक पुलिस मुख्यालय स्तरीय झारखण्ड पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष से कुल-1007 लाभान्वितों को 3 करोड़ 69 लाख रूपये, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से कुल-42 लाभान्वितों को 11 लाख 99 हजार रूपये एवं झारखण्ड पुलिस शिक्षा कोष से कुल-9443 लाभान्वितों को 11 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही झारखण्ड पुलिस परोपकारी कोष से पुलिस पदाधिकारियों / कर्मियों के कुल 737 आश्रितों को सहायता हेतु लगभग 3 करोड़ 93 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। पुलिसकर्मियों के कुल-153 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति दी गई है। इसके अतिरिक्त दिनांक-04.08.2026 को पुलिस मुख्यालय स्तरीय अनुकंपा
समिति की बैठक हुई, जिसमें कुल 84 मामलों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति हेतु योग्य पाया गया है। वीरता पदक प्राप्त कुल-37 पुलिस पदाधिकारी /कर्मियों को पारी से बाहर प्रोन्नति प्रदान की गई है। वितंतु संवर्ग (Wireless) के 11 पुलिस अवर निरीक्षक को पुलिस निरीक्षक एवं 03 सहायक पुलिस अवर निरीक्षक को पुलिस अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है। आयुधिक संवर्ग (Armour) के 10 आयुधिक अवर निरीक्षक को आयुधिक निरीक्षक एवं 24 हवलदार को आयुधिक अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है।
झा०स०पु० के कुल-201 हवलदारों को अ०नि० (स) की कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है। इसके अलावे 970 पुलिस पदाधिकारियों को ए०सी०पी०/एम०ए०सी०पी० की स्वीकृति की कार्रवाई की गई है।

डीजीपी ने कहा कि यह संकल्प लें कि अपने देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे।

Facebook
X
WhatsApp
Threads
Telegram
Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

आज की बड़ी खबरें

विश्व आदिवासी महोत्सव केवल सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव नहीं , बल्कि यह आदिवासी समुदाय की परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य एवं जीवन शैली को व्यापक मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर: मंजूनाथ भजन्त्री