नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन प्रोग्राम में 14 कंपनियों के साथ हुआ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर
उद्योग, प्रौद्योगिकी और पर्यटन क्षेत्रों में ₹99,000 करोड़ से अधिक का होगा निवेश , जिंदल लगायेगा न्यूक्लियर पॉवर प्लांट
रांची/न्यू दिल्ली। दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन कार्यक्रम संपन्न हो गया है। यह कार्यक्रम झारखंड के लिए ऐतिहासिक रहा। इसमें झारखंड सरकार और दिग्गज 14 कंपनियों के बीच 99,639 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव को लेकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित राज्य के वरीय अधिकारी मौजूद थे । यह सभी उद्योग विभाग आईटी और पर्यटन विभाग से जुड़े हैं । झारखंड में पहली बार न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने के लिए जिंदल के साथ एमओयू हुआ है ।
देश की अग्रणी कंपनी मेसर्स जिंदल स्टील लि द्वारा ₹40,000 करोड़ और मेसर्स जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लि द्वारा ₹30,000 करोड़ के निवेश समझौते में शामिल हैं। ये निवेश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रहे शासन की नीतियों के प्रति निवेशकों के अटूट विश्वास को दर्शाते हैं।

इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी और ई गवर्नेंस विभाग के तहत मेसर्स गूगल क्लाउड और वाधवानी ग्रुप के साथ प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे के विस्तार और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए औपचारिक समझौते किए गए।
पर्यटन के क्षेत्र में राज्य की समृद्ध विरासत और संभावनाओं को तलाशने के लिए मेसर्स टाटा मोटर्स के साथ ‘माइनिंग टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के लिए और मेसर्स ईजमाईट्रिप प्लानर्स के साथ पर्यटन संवर्धन तथा पर्यटकों तक व्यापक पहुंच बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई है।

ये सभी ऐतिहासिक एमओयू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में संपन्न हुए। मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, सुद्धिव्य कुमार, डॉ इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






