पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 16 नक्सलियों ने किया समर्पण
रांची। झारखंड राज्य लगभग अब नक्सल मुक्त हो चुका है। नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ रहा है झारखंड। ऐतिहासिक सफलता के करीब पहुंच चुका है। जल्द ही यह नक्सल मुक्त राज्यों की श्रेणी में इसकी गिनती होने लगेगी। झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित नक्सली आत्मसमर्पण करके समाज की मुख्यधारा में लौट रहे है। अपने परिवार और बाल बच्चों के साथ भयमुक्त खुली जिंदगी जी रहे हैं। इसी नीति से प्रभावित होकर ऑपरेशन नवजीवन 2 के तहत कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भाकपा माओवादी के शीर्ष कमांडर , सदस्य और लातेहार जिला में सक्रिय नक्सलियों ने हथियार के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। कुल 11 आधुनिक हथियार जिसमे इंसास रायफल 6, एके -47 दो और यूएस कारवाइन रायफल शामिल हैं

भाकपा माओवादी संगठन के खिलाफ संयुक्त बलों के द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर नक्सली संगठन के पुलिस ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर एवं केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य कोल्हान तथा सारंडा के सुदूर जंगली पहाड़ी क्षेत्र के चप्पे चप्पे की जानकारी रखने वाले 14 और लातेहार जिला में सक्रिय दो यानि कुल 16 नक्सली कमांडर एवं दस्ता सदस्यों ने झारखंड पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण किया । इनमें 11 पुरुष और पांच महिला नक्सली शामिल हैं।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में नक्सलियों ने 11 हथियार और 1562 गोलियों के साथ आत्म समर्पण किया वह इस दस्ते के आठ कमांडर एवं दस्ता सदस्य जिसमें पुरुष तीन महिला पंच भी छत्तीसगढ़ राज्य में आत्मसमर्पण किया है। वहीं इसी दस्ते के 8 कमांडर एवं दस्ता सदस्य जिसमें पुरुष तीन और महिला 5 नक्सली छत्तीशगढ़ राज्य में आत्मसमर्पण किया।
डीजीपी झारखंड के निर्देश में झारखंड पुलिस सीआरपीएफ कोबरा एवं झारखंड जगुआर के द्वारा नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफ प्रभावी प कार्रवाई की जा रही है । झारखंड में भटके हुए नक्सलियों को मुख्य धारा में वापस लाने के लिए झारखंड सरकार की आत्म समर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत पुलिस लगातार कार्य कर रही है जिसका परिणाम सकारात्मक निकल रहा है। इनके आत्म समर्पण से झारखंड राज्य विशेष कर चाईबासा जिला एवं आसपास के जिलों एवं राज्यों में माओवादियों की गतिविधियों अब लगभग समाप्ति होने के कगार पर है ।
मालूम हो कि झारखंड कई दशकों से नक्सलवाद हिंसा का दंश झेल रहा है । आज सुरक्षा बलों के अटूट साहस और कुशल रणनीतिक अभियानों का बल पर यह समाप्ति के कगार पर खड़ा है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी उपस्थित थे।







