राँची । महाकुम्भ सहित कई धार्मिक कार्यक्रमों में पिछले दिनों भीड़ के कारण हुई भगदड़ की घटनाओं के बाद झारखंड पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं। राजकीय श्रावणी मेला 2026 का आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न कराने की तैयारियों को लेकर डीजीपी तदाशा मिश्र ने समीक्षा की। कावरियों को अच्छी सहुलियत मिले और भीड़ नियंत्रण सही ढंग से हो सके साथ ही ग्रीन कॉरिडोर पर प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। भीड़ से निपटने और देश विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सहूलियतें प्रदान करने और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
सावन 30 जुलाई से होगी शुरू, पड़ेंगे चार सोमवार
इस बार समान 30 जुलाई दिन गुरुवार से सावन शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा । इस दौरान चार सोमवार पड़ेंगे। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर डीजीपी ने कुछ प्रमुख दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होगा इसको ध्यान में रखते हुए तकनीकी आधारित एवं संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा ,भीड़ प्रबंधन, यातायात ,कानून व्यवस्था आपदा प्रबंधन तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने पर जोर दिया। बैठक में डीजीपी ने कई निर्देश दिए इसमें मुख्य रूप से क्यूआरटी फोर्स का गठन करना पुलिस बल को बराबर ब्रीफिंग करना , संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थलों की विशेष पहचान कर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने के साथ ही सादे लिवास में पुलिसकर्मी की प्रतिनिक्ति करने पर विचार किया गया। बाहर से आने वाले ज्यादातर वाहन के कारण ट्रैफिक पर दवाब बढ़ेगा। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप रखने के लिए ट्रैफिक प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए । साथ ही भारी और सामान्य वाहनों के लिए रूट डायवर्ट करने का सुनिश्चित किया गया । निर्देश दिया गया संपूर्ण मेला क्षेत्र प्रमुख मंदिर परिसर कांवरिया पथ एवं पार्किंग स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाए तथा कंपोजिट कंट्रोल रूम से कंट्रोल की जाएगी।
चौबीस घंटे होगी निगरानी, महिला फोर्स की भी होगी तैनाती
ड्रोन कैमरा एआई कैमरा एवं आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर भीड़ का नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाए । वहीं उन्होंने महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की प्रतिनिधि सुनिश्चित की जाए । पुलिस सहायता केंद्र महिला सहायता केंद्र चाइल्ड हेल्प डेस्क और खोया पाया केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया। मेडिकल इमरजेंसी अग्निशमन एनडीआरएफ एसडीआरएफ एंबुलेंस एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्यव स्थापित रखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की जाए और असामाजिक तत्व तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखते हुए कार्रवाई की जाएगी । मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करानी हेतु जगह-जगह पर रूट मैप तथा आवश्यक मोबाइल नंबर लगवाए । पंपलेट भी छपवाकर श्रद्धालुओं को बटवाने की व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जसीडीह और धनबाद रेलवे स्टेशनों पर विशेष सतर्कता बरते जाएंगे।
जसीडीह और धनबाद रेलवे स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे के साथ समन्यव
रेल यात्रियों को नियंत्रित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही रेलवे अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्लेटफार्म पर 24 घंटे कंट्रोल हुआ स्थापित की जाए । बैरिकेडिंग एंड ड्रॉप गेट तथा सार्वजनिक संबोधन प्रणाली लगवाना सुनिश्चित करेंगे । ताकि किसी भी आपातकाल परिस्थितियों के लिए ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की जाए । श्रद्धालुओं को ठहरने वाले स्थान पर विशेष रूप से बिजली पानी शौचालय आदि का व्यवस्था हो । डीजीपी ने निर्देश दिया कि सावन मेला 2026 के दौरान प्रत्येक स्तर पर सीनियर पुलिस पदाधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश देना सुनिश्चित करेंगे । श्रद्धालुओं को सुरक्षित व्यवस्थित एवं अच्छा वातावरण उपलब्ध कराना झारखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी । सावन मेला 2026 के दौरान अंतर राज्य समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। यह सुनिश्चित करें कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित व्यवस्थित सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध हो








