सीआईएसएफ ने अवैध कोयला खनन के खिलाफ कार्रवाई की तेज; एक सप्ताह में 1,277 मीट्रिक टन से अधिक कोयला जब्त
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR एक्ट) के प्रावधानों के तहत अवैध कोयला खनन, चोरी और अनाधिकृत परिवहन के खिलाफ अपने राष्ट्रव्यापी अभियान को और तेज कर दिया है। ये अभियान गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार सुरक्षा को मजबूत करने और “शून्य कोयला रिसाव” (Zero Coal Leakage) के लक्ष्य को हासिल करने के लिए चलाए जा रहे हैं।
20 जुलाई से 26 जुलाई 2026 की अवधि के दौरान, सीआईएसएफ ने विभिन्न कोयला सहायक कंपनियों (subsidiaries) में खुफिया जानकारी के आधार पर 85 छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप 1,277 मीट्रिक टन (MT) अवैध रूप से खनन और परिवहन किया गया कोयला जब्त किया गया।

इन अभियानों के तहत 1 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई, 5 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और अवैध खनन एवं परिवहन गतिविधियों में शामिल 40 वाहनों को जब्त किया गया।
सप्ताह के दौरान इकाई-वार (Unit-wise) परिचालन उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- बीसीसीएल (BCCL), धनबाद (पूर्व क्षेत्र): 14 छापेमारी; 771 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद; 2 व्यक्ति गिरफ्तार और 1 वाहन जब्त।
- ईसीएल (ECL), शीतलपुर (उत्तर पूर्व क्षेत्र-II): 51 छापेमारी; 341 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद; 34 वाहन जब्त।
- सीसीएल (CCL), करगली: 11 छापेमारी; 145 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद।
- एनके पीपरवार (NK Piparwar): 6 छापेमारी; 20 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद; 1 प्राथमिकी (FIR) दर्ज और 3 वाहन जब्त।
- एसईसीएल (SECL), बिलासपुर: 3 छापेमारी; 3 व्यक्ति गिरफ्तार और 2 वाहन जब्त।
एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम के तहत सीआईएसएफ में निहित वैधानिक शक्तियों के प्रभावी उपयोग, खुफिया-आधारित अभियानों, तकनीकी निगरानी, समन्वित मैदानी कार्रवाई और कोयला कंपनियों एवं स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल के माध्यम से यह कार्रवाई संभव हो सकी है।
सीआईएसएफ अवैध खनन को रोककर, संगठित कोयला चोरी पर अंकुश लगाकर और कोयला आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता सुनिश्चित करके देश के मूल्यवान खनिज संसाधनों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बल सरकार के “शून्य कोयला रिसाव” के दृष्टिकोण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी हितधारक एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में काम करना जारी रखेगा।








