RSS रांची महानगर ने हिंदू साम्राज्य दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया

रांची । RSS रांची महानगर ने 28 जून को अरगोड़ा मैदान में हिंदू साम्राज्य दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया। छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा हिंदवी स्वराज की स्थापना के ऐतिहासिक अवसर की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में 400 से अधिक स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे।

मौके पर विभाग बौद्धिक प्रमुख आशुतोष द्विवेदी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि 17वीं शताब्दी में जब भारत मुगल शासन के अधीन था और समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहा था, तब 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में माता जीजाबाई की कोख से छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ। माता जीजाबाई और दादाजी कोंडदेव के संस्कारों ने उनके व्यक्तित्व में राष्ट्रभक्ति, धर्मनिष्ठा, साहस और स्वाभिमान का संचार किया।

मात्र 16 वर्ष की आयु में शिवाजी महाराज ने अपने साथियों के साथ तोरणा दुर्ग पर विजय प्राप्त कर हिंदवी स्वराज के अभियान का शुभारंभ किया। अपने सैन्य जीवन में उन्होंने लगभग 80 छोटे-बड़े युद्ध एवं सैन्य अभियान संचालित किए और अधिकांश में मुगलों तथा बीजापुर सल्तनत जैसी शक्तिशाली सेनाओं को पराजित किया।

श्री द्विवेदी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने गुरिल्ला (छापामार) युद्धकला को प्रभावी रूप से विकसित कर विशाल साम्राज्यों को चुनौती दी। उनकी युद्धनीति, प्रशासनिक दक्षता, सुदृढ़ नौसेना की स्थापना तथा जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था आज भी विश्वभर में अध्ययन और प्रेरणा का विषय है।

6 जून 1674 (ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी) को रायगढ़ में हुए राज्याभिषेक के साथ हिंदवी स्वराज की स्थापना हुई, जिसे हिंदू साम्राज्य दिवस के रूप में स्मरण किया जाता है। शिवाजी महाराज ने धर्म, संस्कृति, समाज और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया तथा स्वराज और सुशासन का आदर्श स्थापित किया।

उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन निर्भीकता, संगठन, त्याग, राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण है। आज भी उनके आदर्श वर्तमान पीढ़ी के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ समाज संगठन, सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें।कार्यक्रम में क्षेत्र संघचालक, महानगर संघचालक, विभिन्न नगरों के संघचालक, प्रांत प्रचारक श्री गोपाल जी सहित संघ के अनेक अधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में सभी ने राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता तथा सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

Facebook
X
WhatsApp
Threads
Telegram
Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

आज की बड़ी खबरें