सावन हमारी संस्कृति और उमंग का पर्व, महिलाओं की सहभागिता से संगठन को मिलती है नई ऊर्जा — दीपिका पांडेय सिंह

सावन हमारी संस्कृति और उमंग का पर्व, महिलाओं की सहभागिता से संगठन को मिलती है नई ऊर्जा

रांची। सावन हमारी संस्कृति और उमंग का पर्व है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने, संवाद करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। यह बातें ग्रामीण कार्य मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सावन महोत्सव में कही। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों से जुड़ते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने का कार्य कर रही है।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड की महिलाएं समाज, शासन, राजनीति, अर्थव्यवस्था और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रभावी भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील झारखंड की पहचान है। सावन जैसे पर्व केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि अपनी लोक-संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। ऐसे आयोजनों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सामाजिक और संगठनात्मक स्तर पर उनके बढ़ते नेतृत्व को दर्शाती है।

कार्यक्रम में झारखंड प्रभारी के. राजू , प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश , सह-प्रभारी प्रसाद सिरिबेला , भूपेंद्र मरावी पूर्व मंत्री सुबोधकांत सहाय एवं झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रमा खलखो उपस्थिति रही।

झारखंड प्रभारी के. राजू ने महिलाओं को सावन की शुभकामनाएं दीं।
सावन महोत्सव में महिला कांग्रेस से जुड़ी कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।

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