डोरंडा में दो दिवसीय उर्स-ए-गौसुल आज़म का समापन, सुप्रियो भट्टाचार्य, डीके पांडे हुए शामिल

डोरंडा में दो दिवसीय उर्स-ए-गौसुल आज़म का समापन
सुप्रियो भट्टाचार्य, डीके पांडेय सहित कई गणमान्य हुए महफिल में शामिल।

रांची। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डोरंडा स्थित मनिटोला में ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर आयोजित दो दिवसीय उर्स-ए-गौसुल आज़म का बुधवार को समापन हो गया। उर्स का आयोजन खानकाह के सज्जादानशीन अल्हाज सैय्यद शाह अल्कमा शिब्ली कादरी की जानिब से किया गया।
उर्स के दूसरे दिन जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, झारखंड के पूर्व डीजीपी डी.के. पांडेय, इदार-ए-शरिया के नाजिम-ए-आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी सहित कई गणमान्य लोग महफिल में शामिल हुए। झारखंड सहित दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद और जायरीन खानकाह पहुंचे।
महफिल के दौरान सूफियाना कव्वाली का आयोजन किया गया। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कव्वाली का आनंद लेते हुए खुद तबला बजाया,जिससे महफिल का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। मौके पर उन्होंने सज्जादा नसी एवं राज्य एवं देश वासियों को उर्स की मुबारकबाद दिया।

उर्स के अंतिम दिन सुबह 10 बजे से मिलाद शरीफ एवं जलसा-ए-गौसुल आज़म का आयोजन हुआ। इसके बाद दोपहर 12 बजे से फातिहाखानी, महफिल-ए-समा और लंगर तकसीम किया गया। शाम में बाद नमाज-ए-मगरिब आखिरी कुल, सूफियाना कव्वाली,लंगर वितरण और राज्य एवं देश एवं राज्य की खुशहाली, कामयाबी एवं आपसी मोहब्बत की दुवा के साथ दो दिवसीय उर्स का समापन हुआ।
मौके पर सज्जादा नसी ने बताया कि खानकाह में हर महीने उर्दू महीने की 11वीं तारीख को बाद नमाजे मगरीब सरकार गौसुल आज़म के नाम पर फातिहाखानी और लंगर का आयोजन भी किया जाता है। जिसमे आप सभी आशिकाने गौसुल आज़म शरीक हो और सवाब के हकदार बने।
कार्यक्रम में मौलाना सैय्यद अबू राफे तिबरानी, मौलाना शमीम रिजवी, मो. रिजवान हुसैन, मो. बाबर, नवाब चिश्ती, मो. नदीम खान, शब्बीर अहमद, मो. इमदाद, मो. रहमत अली, यासीन अंसारी सहित सैकड़ों अकीदतमंद और जायरीन मौजूद रहे।

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