डीजीपी ने दुर्गा पूजा के अवसर पर सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के संबंध में की समीक्षा बैठक
रांची । नवरात्र 11 अक्तूबर से शुरू होगा। वहीं 20 अक्टूबर को दशहरा है। इस दिन जगह जगह रावण दहन होता है। पूजा के दौरान कोई खलल नहीं हो और माँ के भक्त आसानी से पूजा पंडालों का भ्रमण कर सके। इसके लिए पुलिस प्रशासन व्यापक रूप से प्रबन्ध किया है। जगह जगह पर पुलिस बल की तैनाती होगी। संवेदनशील जगहों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। ड्रोन कैमरा से निगरानी होगी
मनचलों की मनमानी रोकने के लिए विशेष सीसीटीवी से भी नजर रखी जायेगी। कंट्रोल रूम 24 घंटे सातों दिन एक्टिव मोड में रहेगा। इसके अलावा डीजीपी तदाशा मिश्र ने और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। ताकि पूजा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया जा सके। प्रशासन अलर्ट मोड पर है। डीजीपी तदाशा मिश्र ने इस संबंध में सोमवार 28 सितंबर को झारखण्ड के सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक, सभी वरीय पुलिस अधीक्षक तथा राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों के साथ पूजा के दौरान की जाने वाली प्रशासनिक तैयारियों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।
बैठक में डीजीपी ने सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक एवं जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक ,पुलिस अधीक्षकों से राज्य में त्योहारों के अवसर पर शांति व्यवस्था कायम रखने तथा प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष में 24X7 पुलिस पदाधिकारी / बल की प्रतिनियुक्ति करने, बलों का मोवेलाईजेशन करते समय पुलिस पदाधिकारी नियुक्त करने एवं प्रत्येक घटित घटना की सूचना पुलिस मुख्यालय के वरीय पदाधिकारियों एवं महानिदेशक नियंत्रण कक्ष, पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड, राँची को देने का निर्देश दिया।
साथ ही उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। इनमें सभी पूजा पंडालों का सत्यापन करना।
वरीय पदाधिकारी द्वारा पंडालों में भौतिक रूप से भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना।
पूजा पंडालों में पर्याप्त संख्या में बलों , महिला बलों ,दण्डाधिकारी की प्रतिनियुक्ति करना। साथ ही प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी अपने पास वायरलेस सेट रखना।
पूजा स्थलों तक जाने वाले मार्गों/भीड़-भाड़ वाले जगहों पर समुचित ट्रैफिक व्यवस्था करना, सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था करना, पंडालों में महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश / निकासी समुचित व्यवस्था करना, पंडालों में रोशनी / पब्लिक संबोधन सिस्टम की व्यवस्था करना एवं सीसीटीवी कैमरा लगाना, ड्रोन द्वारा सर्विलांस करना सहित संवेदनशील पूजा पंडालों को चिन्हित कर कड़ी निगरानी रखना।
नियंत्रण कक्ष लगातार 24×7 निगरानी रखना।
अग्निशमन, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था कराना, पुलिस / इमरजेंसी सेवा नम्बर उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार वॉलेंटियर (पुलिस-मित्र) रखने एवं भीड़-भाड़ वाले पंडालों में आपातकालीन बाहर जाने का Emergency Exit Gate व्यवस्थित करना एवं आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किया जाना।
जिलों में प्रतिनियुक्त बल को दंगा रोधी संसाधनों से लैस करते हुये सभी जगहों पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करना एवं क्यूआरटी टीम तैयार कर सजग रखना, आवश्यकतानुसार पुलिस हेल्पडेस्क बनाना एवं त्योहार के मद्देनजर अपेक्षित निरोधात्मक कार्रवाई करना।
असमाजिक तत्वों द्वारा छेड़-खानी,चोरी/,छिन्नतई आदि जैसे अपराधों पर रोकथाम हेतु विशेष निगरानी करना।
सुरक्षा बलों के लिए भोजन,पानी,आवासन आदि की व्यवस्था करना।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ भाषण या आपत्तिजनक पोस्ट डालकर अथवा अफवाह फैला कर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों पर विशेष निगरानी रखना एवं असमाजिक तत्वों पर निरोधात्मक कार्रवाई करना।
कई जगहों पर पूजा के नाम पर अवैध चंदा उगाही की जाती है जिसे चिन्हित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करना।
डांडिया नृत्य/अन्य नृत्य समारोह में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना।
दुर्गा-पूजा मूर्ति विसर्जन की तिथि एवं जुलूस मार्गों का सत्यापन करना जुलूस मार्गों में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों एवं विवादस्पद क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए पर्याप्त संख्या में दण्डाधिकारी/बलों की प्रतिनियुक्ति करना। साथ ही मूर्ति विसर्जन घाटों / नदियों पर गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करना।
जुलूस का वीडियोग्राफी / ड्रोन द्वारा सर्विलांस करने
, साउण्ड सिस्टम द्वारा उतेजक गानों के प्रयोग पर नियंत्रण करने, विसर्जन स्थल पर सुरक्षा का विशेष व्यवस्था करना।
डी० जे० के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा निर्गत न्यायादेश का अक्षरशः अनुपालन कराना।
विजयादशमी समारोह में महिलाओं/बच्चों एवं बुर्जुगों के सुरक्षा, भगदड़ एवं विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो जिसके लिए सभी प्रकार के सुरक्षात्मक उपाय व्यवस्थित करना।
साथ ही उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को सांप्रदायिक दंगों से संबंधित दर्ज कांडों, लंबित वारंट / कुर्की का निस्पादन करने, अवैध मादक पदार्थ / शराब के विरूद्ध छापामारी करने, जिला के संवेदनशील जगहों को चिन्हित करते हुए वैसे स्थानों से लगातार आसूचना संकलन करने, थाना एवं जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक करने एवं स्थानीय लोगों से लगातार सम्पर्क बनाये रखते हुए सघन गश्ती एवं चेकिंग करने का निर्देश दिया।
बैठक में अधिकारी मुख्य रूप से हुए शामिल
बैठक में महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड के अतिरिक्त टी कंदसामी, अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान, झारखण्ड, मनोज कौशिक, अपर पुलिस महानिदेशक, अप०अनु०वि०, झारखण्ड, राँची, प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा, झारखण्ड, पंकज कम्बोज, पुलिस महानिरीक्षक, मानवाधिकार, झारखण्ड, पटेल मयूर कनैयालाल, पुलिस महानिरीक्षक, प्रोविजन, झारखण्ड, चौथे मनोज रतन, पुलिस उप-महानिरीक्षक, विशेष शाखा, झारखण्ड एवं पुलिस अधीक्षक, अभियान, झारखण्ड भौतिक रूप से उपस्थित रहें।



