चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण 28 से 30 अक्टूबर तक राँची में येलो अलर्ट – अधिकारियों को निर्देश एवं आम नागरिकों से सावधानी की अपील
जिला प्रशासन अलर्ट मोड में
रांची। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बंगाल की खाड़ी में उठ रहे चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक लगातार बारिश होने की संभावना है। इस कारण रांची जिला प्रशासन ने अपनी तरफ से तैयारी शुरू कर दी है। इसके कारण राँची में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिसको लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। चक्रवाती तूफान अर्नब की असर 27 अक्टूबर की दोपहर बाद से ही झारखंड में देखने को मिल सकता है।
राँची के निचले इलाकों एवं सड़कों पर जलजमाव की संभावना है। कच्चे मकान, झुग्गी-झोपड़ियाँ तथा कमजोर मकानों को आंशिक या भारी नुकसान पहुँच सकता है। नदियाँ एवं बड़े नाले उफान पर आ सकते हैं। निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचने की संभावना भी व्यक्त की गई है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखें तथा आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, मंजुनाथ भजन्त्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखें तथा आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें। तूफान अर्नब का असर रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, रामगढ़ बोकारो, धनबाद, कोडरमा सहित झारखंड के अधिकांश जिले लगभग प्रभावित होगे।
जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रमुख अनुदेश / निर्देश
- सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश:आपदा प्रबंधन, राजस्व, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संसाधन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी 28 से 30 अक्टूबर तक लगातार निगरानी रखें।
निचले इलाकों, जलजमाव प्रवण क्षेत्रों, नदियों एवं बड़े नालों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
- स्थानीय प्रशासन एवं नगर निकाय: सड़कों, नालियों एवं जल निकासी व्यवस्था को साफ रखा जाए।
- कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों एवं कमजोर संरचनाओं वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- कृषि एवं किसान संबंधी:
- खेतों में जलजमाव की स्थिति से फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को उचित सलाह दी जाए।
- आम नागरिकों से अपील:
- निचले इलाकों एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक विशेष सावधानी बरतें।
- अनावश्यक बाहर न निकलें।
- कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार आवश्यक सावधानी अपनाएँ तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- नदियों, नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के निकट न जाएँ।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
सुरक्षा के लिए अनुदेश
(1) वज्रपात से सावधान रहें: बारिश और आंधी के दौरान बिजली गिरने (वज्रपात) की भारी आशंका है। गरज-चमक शुरू होने पर तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
(2) पेड़ों और खंभों से दूर रहें: तेज हवाओं के कारण पुराने पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग्स गिर सकते हैं। अपनी गाड़ियों को इनके नीचे पार्क न करें।
(3) जलजमाव वाले रास्तों से बचें: रांची के निचले शहरी इलाकों में भारी बारिश से पानी भर सकता है। जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाने से बचें।
(4) इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रखें: घरों में बिजली के उतार-चढ़ाव या शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए आंधी-तूफान के समय मुख्य स्विच बंद कर दें और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामानों के प्लग निकाल दें।
जिला प्रशासन सभी नागरिकों से अनुरोध करता है कि वे मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करें तथा सतर्क रहें। वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान में बताया गया है कि तूफान का असर 30 और 31 अक्टूबर तक आंशिक रूप से रहेगा।



