रांची में दुर्गा पूजा भव्यता एवं शांतिपूर्ण सौहार्द के साथ संपन्न; जिला प्रशासन की तैयारी एवं सभी के सहयोग से हुआ सफल आयोजन
मुख्यमंत्री की प्रेरणा से राँची में नशा मुक्ति अभियान: पूजा पंडालों में जन-जागरूकता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया
जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा एवं व्यवस्था तंत्र सक्रिय रखा
रांची। जिले में दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी हो गया। जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन एवं व्यापक तैयारियों के फलस्वरूप पूरे रांची जिले में दुर्गा पूजा का आयोजन असाधारण भव्यता, अनुशासन एवं पूर्ण शांतिपूर्ण सौहार्द के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
मुख्यमंत्री की प्रेरणा से राँची में नशा मुक्ति अभियान: पूजा पंडालों में जन-जागरूकता का व्यापक प्रचार-प्रसार
मुख्यमंत्री झारखण्ड हेमंत सोरेन की दूरदर्शी प्रेरणा और मार्गदर्शन से इस वर्ष सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा राँची जिला में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल की गई है। आम जनमानस को नशे की कुरीति से दूर रखने और स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से नशा मुक्ति जन जागरूकता अभियान को विशेष रूप से बढ़ावा दिया गया।
राँची जिले के सभी शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पूजा पंडालों में व्यापक पैमाने पर नशा मुक्ति संदेशों वाले आकर्षक फ्लैक्स लगाए गए। इन फ्लैक्सों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और नशा-मुक्त जीवन के लाभों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
सभी पंडालों में इस अभियान को प्रमुखता दी गई, ताकि त्योहारों के पावन अवसर पर भी नागरिकों तक यह महत्वपूर्ण संदेश प्रभावी रूप से पहुँच सके। यह प्रयास समाज को नशे की लत से मुक्त करने और स्वस्थ, जागरूक तथा सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
पूरे जिले में विधि-व्यवस्था शांतिपूर्ण रही
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों पंडालों में माँ दुर्गा की आराधना श्रद्धा एवं उत्साह के साथ हुई, जबकि पूरे जिले में कानून-व्यवस्था एवं जनसुविधाओं का उच्च स्तर बना रहा।
जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजन्त्री के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई दौर की गहन बैठकें आयोजित की थीं। इन बैठकों में जिला स्तरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों, पुलिस के वरीय अधिकारियों तथा शांति समिति के प्रतिनिधियों के साथ विधि-व्यवस्था, सुरक्षा एवं जनसुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने आह्वान किया कि शांतिपूर्ण वातावरण में त्योहार को मनाया जाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक रांची राकेश रंजन के निर्देशन में बहुस्तरीय सुरक्षा एवं व्यवस्था तंत्र सक्रिय रहा। सुरक्षा दृष्टिकोण से व्यापक व्यवस्था की गई थी
दुर्गा पूजा की अवधि में जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा एवं व्यवस्था तंत्र सक्रिय रखा। सुरक्षा दृष्टिकोण से व्यापक व्यवस्था वरीय पुलिस अधीक्षक रांची राकेश रंजन के निर्देशन में की गई थी। उनके द्वारा लगातार सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जाँच एवं निगरानी की जा रही थी, जिससे किसी भी संभावित चुनौती का समय रहते प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हो सका। भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था, दुर्गा पूजा मार्गों की सड़कों की मरम्मत एवं नियमित सफाई, पंडालों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति हेतु पानी टैंकरों की तैनाती, अवांछित तत्वों पर कड़ी नजर, सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी तथा सादे लिबास में पुलिस बल एवं महिला पुलिस बल की तैनाती की गई। साथ ही दंडाधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिनियुक्त कर व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित की गई। पूरे शहर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी गई, जिससे कोई भी असामान्य गतिविधि समय रहते नियंत्रित की जा सकी।
सुचारु यातायात व्यवस्था को लेकर हर पुख्ता इंतजाम किए गए थे
पुलिस अधीक्षक रांची राकेश सिंह द्वारा दुर्गा पूजा के दौरान सुचारु यातायात व्यवस्था को लेकर हर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कई स्थानों पर वे स्वयं ट्रैफिक व्यवस्था संभालते हुए संबंधित ट्रैफिक पुलिस को लगातार दिशा-निर्देश देते रहे, जिससे जुलूस मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात सुचारू रूप से संचालित होता रहा।
जानकारी हो कि विभिन्न घाटों एवं तालाबों में प्रतिमा विसर्जन के दौरान स्थानीय गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम मौजूद रही। प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस बल भी साथ रहा। साथ ही यातायात व्यवस्था का भी विशेष ख्याल रखा गया।
पूजा की पूरी अवधि में पुलिस के वरीय पदाधिकारी एवं जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मैदान में उतरे। वे पूरे रांची में घूम-घूम कर पंडालों, जुलूस मार्गों एवं भीड़ वाले क्षेत्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते रहे, जिससे प्रशासन की मौजूदगी हर स्तर पर महसूस हुई।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शांति समिति के सदस्यों एवं विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सक्रिय सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। उपायुक्त ने इस बात पर भी प्रसन्नता जताई कि इस वर्ष शांति समिति में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बेहतर रही, जिससे सामाजिक सौहार्द और मजबूत हुआ।
उपायुक्त ने आगे कहा कि दुर्गा पूजा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में शान्ति सेवा समिति हिंदपीढ़ी, युवा दस्ता, झारखण्ड तंजीम, सेंट्रल मुहर्रम कमेटी, सर्वधर्म सद्भावना समिति आदि संगठनों की महत्वपूर्ण मदद मिली। युवा दस्ता तथा आम नागरिकों का भी अहम योगदान रहा, जिसने पूरे आयोजन को और अधिक सफल बनाया। रांची नगर निगम की पूरी टीम का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। नगर निगम ने मूर्तियों की स्थापना स्थलों की सफाई, कूड़ा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई।
बिजली विभाग ने भी अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। विभाग ने पूजा पंडालों को निरंतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की, अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर एवं जनरेटर की व्यवस्था की तथा रात-दिन तकनीकी टीमों को तैनात रखकर किसी भी विद्युत व्यवधान की स्थिति में तत्काल समाधान किया। इससे श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के पूजा-अर्चना करने का अवसर मिला।
इसी प्रकार पथ निर्माण विभाग ने भी सराहनीय कार्य किया। विभाग ने पूजा स्थलों तक जाने वाले मार्गों की मरम्मत, अस्थायी पार्किंग व्यवस्था, यातायात डायवर्जन योजना तथा पंडालों के आसपास सड़कों को सुचारु रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन तीनों विभागों के समन्वित एवं समर्पित प्रयासों से ही दुर्गा पूजा का आयोजन सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं भव्य रूप से संपन्न हो सका।
उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। जन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया, जबकि वार्ड पार्षदों ने स्थानीय स्तर पर स्वच्छता, सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने पंडालों के आसपास जन सुविधाओं की निगरानी की तथा श्रद्धालुओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया।



