योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर : अमरेन्द्र कुमार

मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र में योगासन कार्यक्रम आयोजित

रांची। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मत्स्य किसान प्रशिक्षण केन्द्र, शालीमार,(धुर्वा) में योगाभ्यास किया गया। इस कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता व विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के अनुयायी उज्ज्वल भास्कर के मार्गदर्शन में अजीत कुमार व उनके सहयोगियों के नेतृत्व में मत्स्य कृषकों ने योग किया। इस मौके पर अजीत कुमार (रेलवे इंजीनियर) द्वारा किसानों को योगाभ्यास कराया गया। वहीं, महिला मत्स्य कृषकों के लिए मौसमी बनर्जी, विशाखा दास, प्रेमा, नेहा द्वारा योग कराया। इस अवसर पर निदेशक मत्स्य अमरेन्द्र कुमार, शंभू प्रसाद यादव, (उप मत्स्य निदेशक), जयंत रंजन, (जिला मत्स्य पदाधिकारी, रांची), गीतांजलि मैडम, (सहायक मत्स्य निदेशक, अनुसंधान), सुनील सिंह, (सांख्यिकी पदाधिकारी, पशुपालन सचिवालय), रेवती हांसदा, सहायक मत्स्य निदेशक, मंजूश्री तिर्की (मत्स्य प्रसार पदाधिकारी) भी उपस्थित थे।
योगाभ्यास के पश्चात निदेशक मत्स्य अमरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। प्राचीन काल से ही योग की महत्ता रही है। योग करने से शरीर निरोग रहता है।
योग कार्यक्रम में शंकर प्रजापति, कमलेश कुमार, यश बनर्जी, नंदन झा, मनोज कुमार, आशीष कुमार सहित काफी संख्या में मत्स्य कृषक उपस्थित थे।

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