दिल्ली/रांची। ग्रामीण विकास ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने केंद्र सरकार से मनरेगा के मटेरियल मद में करीब 900 करोड रुपए का भुगतान झारखंड को शीघ्र करने का अनुरोध किया है।
यह बातें दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में मंत्री दीपिका पांडे सिंह झारखंड की ओर से प्रेजेंटेशन देते हुए कही। उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष मनरेगा के मद में बकाया राशि का भुगतान का मुद्दा उठाया । उन्होंने कहा कि राशि लंबित होने की वजह से योजना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वी बी ग्राम योजना शुरू होने से पहले मनरेगा के बकाया राशि का भुगतान करने का अनुरोध किया।
महंगाई को देखते हुए मंत्री ने झारखंड में न्यूनतम मजदूरी की दर में बढ़ोतरी करते हुए 433 किए जाने की मांग की। गौरतलब है कि झारखंड में मनरेगा मजदूरी के रूप में 282 रुपए मिल रहे हैं जिसमें केंद्र सरकार की तरफ से 255 रुपए और झारखंड सरकार की तरफ से ₹27 के योगदान शामिल है ।मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने झारखंड में रूरल इंडस्ट्री की स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने कहा है कि झारखंड में SHG से जुड़ी दीदी आजीविका के क्षेत्र में अभूतपूर्व कम कर रही है।
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत झारखंड का आम दुबई से लेकर लंदन और इटली तक जा रहा है। एसएचजी से जुड़ी दीदीयों के द्वारा तैयार 15 लाख नोटबुक स्कूली छात्राओं तक पहुंचने वाला है । राज सरकार के मईया सम्मान योजना ने महिलाओं को स्वालंबी बनने का अवसर प्रदान किया है उन्होंने फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर वाला आवास बनाने की मांग की मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर दो लाख करने की मांग रखी इसके साथ अबुवा आवास योजना के निर्माण में मनरेगा के तहत 90 दिनों का मजदूरी भुगतान की मांग रखी फैब्रिकेटेड आवास निर्माण के सुझाव पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी सहमत नजर आए।






